इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सजा माफी और समय पूर्व रिहाई नीति पर राज्य सरकार से विस्तृत जानकारी मांगी है। 25 मई को मामले की सुनवाई होगी। यह आदेश न्यायमूर्ति सौमित्र दयाल सिंह और न्यायमूर्ति स्वरूपमा चतुर्वेदी की खंडपीठ ने स्वतः संज्ञान जनहित याचिका पर दिया। राज्य सरकार की ओर से दाखिल अनुपालन हलफनामे में कहा गया कि सितंबर 2024 से फरवरी 2026 के बीच 3746 आवेदन आए। इनमें से 3447 विचार के लिए उठाए गए थे, 2570 आवेदन निस्तारित कर दिए गए।

शेष 877 आवेदन अभी लंबित हैं, उन पर अंतिम निर्णय नहीं हो सका है। 2570 निस्तारित मामलों में 1357 कैदियों को रिहाई दी गई है, जबकि 1213 के आवेदन खारिज कर दिए गए। इस पर कोर्ट ने राज्य सरकार को 25 मई तक विस्तृत अनुपालन हलफनामा दाखिल करने का समय दिया है। पूछा है कि रिहा किए गए 1357 कैदियों के पक्ष में किन आधारों पर निर्णय लिया गया, यह स्पष्ट किया जाए। वहीं, 1213 कैदियों के खारिज आवेदन का भी बताए जाएं। 

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